ہندوی یا دہلوی، جو کہ ہندی، عربی، فارسی، اور ترکی کا مجموعی طور پر ملا ہوا تھا۔ یہ عوامی زبان تھی اور ہریانہ، دہلی، مغربی اُتر پردیش اور قریبی علاقوں میں بولی جاتی تھی۔

हिन्दवी या देहलवी, जो कि हिन्दी, अरबी, फ़ारसी और तुर्की का मिश्रण था। यह आम जनता की भाषा थी और हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आस-पास के क्षेत्रों में बोली जाती थी।

هندوی یا دهلوی که مخلوطی از زبان‌های هندی، عربی، فارسی و ترکی بود. این زبان مردم بود و در هریانا، دهلی، غرب اُتر پردیش و مناطق نزدیک به آن صحبت می‌شد.

The Cost of Being Her

The Cost of Being Her

Someone who builds a home from nothing. Someone who carries generations on her back without ever asking for applause. Someone who absorbs pain, silence, and

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The Modern Marriage Crisis

The Modern Marriage Crisis

आधुनिक विवाह संकट आधुनिक समय में विवाह व्यवस्था अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। यदि यह संस्था आगे चलकर टिकनी

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Farming Crisis

Farming Crisis

किसानों की स्थिति आज एक गंभीर मोड़ पर है। हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि अब हमारे जीवन के हर पहलू पर कुछ बड़े कॉर्पोरेट समूहों और गिनी-चुनी परिवारों का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से कॉर्पोरेट खेती का उभार कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा ख़तरा बन रहा है। इस ख़तरे की गंभीरता को समझना बेहद ज़रूरी है क्योंकि यह बदलाव बहुत तेज़ी से हो रहा है।

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Spending More Living Less The Silent Crisis of Consumer Culture

Spending More, Living Less: The Silent Crisis of Consumer Culture

पिछले कुछ दशकों में ग्रामीण इलाक़ों में ख़र्चों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। यह वृद्धि केवल जीवन स्तर के सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि एक ऐसी उपभोक्तावादी मानसिकता का परिणाम है जो चुपचाप हमारी आर्थिक स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता को नष्ट कर रही है। आधुनिकता और आराम की खोज में हम इतनी दूर चले आए हैं कि अब हमारा पैसा, समय और मानसिक शांति सब कुछ ख़र्च हो रहा है।

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The illusion of Education System 

शिक्षा को आमतौर पर प्रगति का आधार माना जाता है, जो व्यक्तियों को ज्ञानवान, कुशल और ज़िम्मेदार नागरिक बनने में सहायता करती है। हालांकि, इस आदर्श छवि के पीछे एक ऐसा गहरा जड़ित तंत्र मौजूद है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र सोच को बढ़ावा देना नहीं बल्कि ऐसे आज्ञाकारी कार्यकर्ता तैयार करना है जो सामाजिक मानदंडों के अनुसार कार्य करें।

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I am Yogesh Mann

Welcome to Alfaz-e-Mann, a sanctuary where words transcend borders, weaving a tapestry of Farsi, Urdu, Hindi, and now English. Here, language is more than just expression; it is a bridge between cultures, emotions, and timeless ideas.

Immerse yourself in a world of thoughtful reflections, poetic musings, and profound insights that inspire, enlighten, and connect. With every story and discussion, we invite you on a journey, one that soothes the soul, sparks wonder, and deepens your connection with the beauty of words.

Come, be a part of this multilingual symphony and let the magic of language embrace you!

آزاد ہیں اپنے فکر و عمل بھرپور خزینہ ہمت کا اک عمر ہے اپنی ہر ساعت امروز ہے اپنا ہر فردا یہ شام و سحر یہ شمس و قمر یہ اختر و کوکب اپنےہیں یہ لوح و قلم یہ طبل و علم یہ مال و حشم سب اپنےہیں

فیض احمد فی

लिखते तो वह लोग हैं, जिनके अंदर कुछ दर्द है, अनुराग है, लगन है, विचार है। जिन्होंने धन और भोग-विलास को जीवन का लक्ष्य बना लिया, वह क्या लिखेंगे?

धनपत राय श्रीवास्तव (मुंशी प्रेमचंद)

ای که از پستی جهان بگذشتی چون به خود آیی ز جهان بگذشتی چون ز جهان بگذشتی ای یار مرا در دل خود بین که چه جان بگذشتی

جلال‌الدین محمّد رومی